करुणा

समूची मानवता आज अस्त व्यस्त और त्रस्त ।बुद्ध की करुणा को बनाना होगा अस्त्र शस्त्र ।अंगुलीमाल को भी करुणा करती…

Continue Reading

त्रस्त है

आज जमीं और आस्मां त्रस्त है ।आदमी अपने कर्मों में मदमस्त है ।जल थल नभ सभी करुणाग्रस्त है ।पेड़ पौधा…

Continue Reading

मृत्यु

मृत्यु प्रकृति का अंतिम सत्यफिर भी रहते अनभिज्ञ मदमस्तइस सत्य को मानव करता ध्वस्तकुकर्म करता रहता,नहीं समझता अपनत्वझगड़ा झंझट फसाद…

Continue Reading